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News Highlights provides you with the best compilation of the Daily News Highlights taking place across the globe: National, International, Sports, Science and Technology, Banking, Economy, Agreement, Appointments, Ranks, and Report and General Studies

DAINIK JAGRAN

1.

विकसित भारत के लक्ष्य को जन आंदोलन बनाने की जरूरत

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों के समन्वय पर जोर दिया और एक टीम की तरह काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल सरकार का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन आंदोलन बनना चाहिए। सभी सुधारों एवं नीतियों के केंद्र में देश का नागरिक होना चाहिए तथा सभी मंत्रालयों को अलग-अलग काम करने की बजाय एक टीम की तरह कार्य करना होगा। पीएम गुरुवार को ग्रामीण विकास, कृषि, सामाजिक कल्याण और संबद्ध क्षेत्रों की प्रगति की समीक्षा के लिए विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों के साथ बैठक कर रहे थे।


2.

भविष्य की लड़ाइयां सशस्त्र बलों के बेहतर तालमेल से लड़ी जाएंगी: वायुसेना प्रमुख

वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने बुधवार को कहा, भविष्य की लड़ाइयां कोई एक सेना अकेले नहीं लड़ सकती, इसलिए सशस्त्र बलों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत है। कहा, सैन्य तकनीकें इतनी तेजी से विकसित की जानी चाहिए कि वे काम की बनी रहें, क्योंकि देर से मिली तकनीक का अर्थ है तकनीक का न मिलना। वह आइएनएस मालवन को नौसेना के बेड़े में शामिल किए जाने के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे। यह माहे-क्लास के एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट में से दूसरा है।


3.

जीवन के ब्रह्मांडीय बीज

क्या जीवन की उत्पत्ति पृथ्वी पर ही हुई, या फिर उसके बीज अरबों वर्ष पहले तारों के बीच बिखरी ब्रह्मांडीय धूल (कास्मिक डस्ट) में तैयार हो चुके थे? यह सवाल लंबे अर्से से विज्ञान की सबसे अनसुलझी गुत्थियों में से एक रहा है। हाल ही में सिडनी यूनिवर्सिटी, आस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने प्रयोगशाला में कृत्रिम ब्रह्मांडीय धूल तैयार करके इस गुत्थी को समझने की दिशा में एक अहम कदम बढ़ाया है। विज्ञानियों ने अंतरिक्ष जैसी परिस्थितियों निर्मित करने के लिए कांच की नलियों से हवा निकाल दी, जिससे निर्वात जैसा वातावरण बन गया। उनमें नाइट्रोजन, कार्बन डाइआक्साइड और एसीटिलीन गैस भरी गई। तकरीबन 10 हजार वोल्ट के विद्युत विभव से इन गैसों को प्लाज्मा में बदल दिया गया। इस अत्यधिक ऊर्जावान वातावरण में गैसों के अणु टूटे और फिर नए, अधिक जटिल अणुओं में पुनर्गठित हो गए। अंततः सिलिकन की सतह पर कार्बन-समृद्ध धूल की एक पतली परत जम गई, जो वास्तविक अंतरतारकीय धूल से बेहद मिलती-जुलती थी। इस कृत्रिम धूल में कार्बन, हाइड्रोजन, आक्सीजन और नाइट्रोजन की जटिल संरचनाएं मिलीं। यही चार तत्व पृथ्वी पर ज्ञात अधिकांश जैविक अणुओं और जीवों की मूलभूत निर्माण इकाई हैं।


4.

भारतीय प्रतिभा के लिए अवसर और चुनौतियां

अमेरिका की एच-1 बी वीजा व्यवस्था में हाल में हुए व्यापक बदलाव आव्रजन नीति में संशोधन के साथ ही वैश्विक श्रम बाजार, तकनीकी प्रतिभा की अंतरराष्ट्रीय गतिशीलता और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के बदलते समीकरणों के संकेत भी हैं। वीजा शुल्क में अभूतपूर्व वृद्धि, आवेदन प्रक्रिया का पुनर्गठन, लाटरी प्रणाली में परिवर्तन और वीजा नवीनीकरण की जटिलताओं ने भारतीय आइटी एवं तकनीकी पेशेवरों के सामने नई अनिश्चितताएं खड़ी कर दी हैं। यह परिवर्तन केवल व्यक्तिगत करियर का प्रश्न नहीं, बल्कि वैश्विक कौशल प्रवाह, मानव पूंजी निवेश और तकनीकी प्रतिस्पर्धा के भविष्य से भी जुड़ा हुआ है


5.

कोई नया शुल्क नहीं लगा तो अमेरिका से ट्रेड डील नहीं होने तक निर्यातकों को लाभ

अमेरिका से व्यापार समझौता टलने से निर्यातक उदास नहीं बल्कि खुश हैं। अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक अभी सभी देशों के माल पर जो 10 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लग रहा है, उसकी अवधि 24 जुलाई को समाप्त हो रही है। उसके बाद से अमेरिका जाने वाली वस्तुओं पर पिछले साल अप्रैल से पहले वाले परंपरागत शुल्क लगेंगे। इसके तहत सभी देशों की अलग-अलग वस्तुओं पर अलग-अलग शुल्क लगता है। इससे भारतीय वस्तुएं अमेरिका के बाजार में सस्ती होंगी। हालांकि मंगलवार रात ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नई घोषणा कर दी, जिसके मुताबिक अमेरिका आने वाली जेनेरिक दवाई पर वर्ष 2028 से 100 प्रतिशत का शुल्क वसूला जाएगा। भारत का जेनेरिक दवा का करीब 40 प्रतिशत निर्यात अमेरिका में होता है।


6.

बाहरी दबावों से बखूबी निपटी भारतीय इकोनमी

आरबीआइ ने कहा है अनिश्चितताओं का अच्छी तरह से सामना किया है और हाल के महीनों में विदेशी निवेश में आए सुधार से कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने बाहरी भरोसा लौटने का संकेत मिलता है। केंद्रीय बैंक के जुलाई बुलेटिन में छपे एक लेख में कहा गया है कि सप्लाई चेन पर दबाव के चलते वैश्विक इकोनमी में अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। 'स्टेट आफ द इकोनमी' शीर्षक से लिखे लेख में यह भी कहा गया है कि खेती के क्षेत्र में दक्षिण पश्चिम मानसून का असर एक जैसा नहीं रहा है, लेकिन अनाज का स्टाक पर्याप्त होने से खाने पीने की चीजों की महंगाई पर असर कम हो सकता है। वाह्य व्यापार में तेजी बनी हुई है और चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में आयात और निर्यात में हुई वृद्धि से इसका संकेत मिलता है। हाल ही में भारत- ब्रिटेन व्यापार समझौते के लागू होने और दूसरे द्विपक्षीय समझौतों में हुई प्रगति से इसे मजबूती मिलने की उम्मीद है।


7.

क्वाड देश बोले- हम हिंद प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र व आजाद बनाने को प्रतिबद्ध

हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीन की तरफ से बढ़ती चुनौतियों का सामना करने के उद्देश्य से गठित क्वाड संगठन के विदेश मंत्रियों ने बुधवार को फिलीपींस की राजधानी मनीला में एक अहम बैठक की। यह बैठक दो दिन चीन-फिलीपींस झड़प (आयुंगिन शोल के पास) के संदर्भ में अहम मानी जा रही है, जहां चीनी तटरक्षक बल और फिलीपींस नौसेना की नावों के बीच टकराव हुआ था। इस बैठक का उद्देश्य चीन को स्पष्ट संदेश देना व आसियान क्षेत्र के छोटे देशों के प्रति समर्थन व्यक्त करना था। क्वाड देशों ने साफ कहा कि हम हिंद प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र और आजाद बनाने को प्रतिबद्ध हैं


8.

अगस्त, 2029 से जेनेरिक दवाओं पर 200% टैरिफ लगाएंगे ट्रंप, भारत पर पड़ेगा असर

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जेनेरिक दवाओं पर भारी-भरकम टैरिफ लगाने के प्लान घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका आयात होने वाली जेनेरिक दवाओं पर आगामी दो वर्ष तक कोई टैरिफ नहीं होगा। अगस्त, 2028 से 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। अगस्त, 2029 से इसे बढ़ाकर 200 प्रतिशत कर दिया जाएगा। इस कदम का मकसद देश में जेनेरिक दवाओं के उत्पादन को प्रोत्साहित करना है। ट्रंप के इस फैसले का सीधा असर भारत पर पड़ सकता है, क्योंकि वह अमेरिका के लिए जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा निर्यातक है।


9.

एंटीबायोटिक, हृदय रोग समेत 159 दवाओं की गुणवत्ता में पाई गई खोट

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के जून के ड्रग अलर्ट में देशभर की 159 दवाएं एवं कास्मेटिक सैंपल फेल हुए हैं। इनमें 132 सैंपल राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं तथा 27 केंद्रीय प्रयोगशालाओं की जांच में गुणवत्ता की कसौटी पर खरे नहीं उतरे। इनमें एंटीबायोटिक, हृदय रोग, दर्द एवं बुखार, खांसी, पेट, आंखों की दवाओं सहित इंजेक्शन तथा विटामिन उत्पादों के सैंपल फेल पाए गए हैं। अधिकांश दवाएं डिसाल्यूशन, कंटेंट, एस्से, स्टेरिलिटी, पीएच, पार्टिकुलेट मैटर तथा सक्रिय औषधीय तत्व (एपीआइ) की निर्धारित मात्रा जैसे महत्वपूर्ण गुणवत्ता मानकों पर असफल रहीं। जून के ड्रग अलर्ट में हिमाचल के साथ अन्य दो राज्यों के फार्मा उद्योगों में बनी दवाओं के सैंपल फेल पाए गए हैं। हिमाचल में बनीं 45 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, वहीं उत्तराखंड की 30 और गुजरात की 28 दवाओं के सैंपल फेल मिले हैं। मध्य प्रदेश के 13, तमिलनाडु, महाराष्ट्र व सिक्किम की सात-सात दवाओं के सैंपल फेल मिले हैं।


10.

ईपी 67 को पहचाना, वैक्सीन में बूस्टर का करेगा काम

वैक्सीन को अधिक प्रभावी और सुरक्षित बनाने की दिशा में आइआइटी के विज्ञानियों ने अहम सफलता हासिल की है। संस्थान के जैविक विज्ञान व जैव अभियांत्रिकी विभाग के प्रो. अरुण शुक्ल की टीम ने ईपी 67 नामक अणु (मालिक्यूल) की कार्यप्रणाली को पहचानकर इसके काम करने के तरीके को पहली बार दुनिया के सामने पेश किया है। यह खोज भविष्य में ऐसी वैक्सीन विकसित करने में मददगार हो सकती है, जो कम दुष्प्रभाव के साथ शरीर में अधिक मजबूत प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया (इम्यून रिस्पांस) पैदा करे। अगले चरण में ईपी 67 उपयुक्त मात्रा और उपयोग की विधि तय करने के लिए प्री-क्लिनिकल परीक्षण किए जाएंगे।


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