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1.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बुधवार को जी7 सम्मेलन से इतर फ्रांस के एवियान में द्विपक्षीय बैठक के दौरान एक संयुक्त पत्रकार वार्ता के दौरान होर्मुज जलमार्ग में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत के लिए लाखों भारतीय नाविकों की सुरक्षा सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें नाविकों पर हमले की घटना के बारे में जानकारी दी गई है और इस मामले को सुलझाने की कोशिशें चल रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच पहले कभी इतने घनिष्ठ नहीं रहे, जितने आज हैं।
2.
भारत में जीएम फसलों की कानूनी स्थिति बेहद सतर्क रही है। हमारे यहां विनियमन का ढांचा मुख्य रूप से 'पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986' के तहत गठित 'जेनेटिक इंजीनियरिंग मूल्यांकन समिति' के कंधे पर है। यह समिति तय करती है कि कौन सी फसल देश में उगाई जा सकती है और उसके परीक्षण के मानक क्या होंगे। भारत में अभी तक केवल 'बीटी काटन' को व्यावसायिक खेती की अनुमति मिली है, जो एक गैर-खाद्य फसल है। जीएम सरसों का मामला लंबे समय से विवादों में रहा है। यह दर्शाता है कि नियामक संस्थाओं और जनहित के बीच एक गहरी खाई है। तकनीकी मंजूरी मिल जाना एक बात है, लेकिन सामाजिक स्वीकृति और कानूनी वैधता प्राप्त करना बेहद जरूरी है।
3.
दुनिया भर में बढ़ती हरित ऊर्जा और इलेक्ट्रानिक्स की मांग ने इन खनिजों को 21वीं सदी का नया तेल बना दिया है। भारत के पास रेयर अर्थ और अन्य क्रिटिकल मिनरल्स के महत्वपूर्ण भंडार हैं, लेकिन अभी तक उत्पादन और प्रोसेसिंग क्षमता सीमित रही है। इसे बदलने के लिए सरकार ने लगभग 16,300 करोड़ रुपए के राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन को मंजूरी दी है। मिशन का लक्ष्य 2030 तक 1,200 से अधिक अन्वेषण परियोजनाएं पूरी करना, घरेलू उत्पादन बढ़ाना और पूरी वैल्यू चेन विकसित करना है। भारत की आत्मनिर्भरता की महत्वाकांक्षा और वैश्विक मांग के बढ़ते दबाव के बीच यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में सबसे तेजी से विकसित होने वाले रोजगार क्षेत्रों में शामिल हो सकता है।
4.
भारत का वार्षिक रक्षा उत्पादन 2025-26 में 1.78 लाख करोड़ रुपए के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है। रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि पिछले वित्त वर्ष के 1.54 लाख करोड़ रुपए के उत्पादन के मुकाबले 15.6 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है। उसने कहा कि इसके अलावा, वित्त वर्ष 2020-21 की तुलना में इसमें 110 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जब रक्षा उत्पादन का आंकड़ा 84,643 करोड़ रुपए था।
5.
भारत का मौजूदा रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार देश के शुद्ध कच्चे तेल आयात की केवल नौ से 10 दिन की आवश्यकता के बराबर है, जो आयात पर निर्भर अन्य प्रमुख देशों की तुलना में काफी कम है।
ऊर्जा, पर्यावरण एवं जल परिषद (सीईईडब्ल्यू) की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया कि कच्चे तेल के आयात पर अत्यधिक निर्भर अन्य देश, जैसे जापान और दक्षिण कोरिया, 200 दिन से अधिक की जरूरत के बराबर भंडार बनाए रखते हैं। 'हाउ सिक्योर इज इंडियाज एनर्जी फ्यूचर असेसिंग एक्सेसिबिलिटी, रिलायबिलिटी एंड अफोर्डेबिलिटी' शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया कि भारत के कच्चे तेल के आयात का 85 फीसद से अधिक हिस्सा रूस और प्रमुख पश्चिम एशियाई देशों सहित केवल छह देशों से आता है।
6.
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वान डेर लेयेन ने बुधवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) इस वर्ष के अंत तक महत्त्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर करेंगे। उन्होंने यह जानकारी जी-7 शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ वार्ता के बाद दी। इस बैठक में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष वॉन डेर लेयन के अलावा यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा भी शामिल हुए।
7.
संसद की एक समिति ने उच्च शिक्षा के लिए मौजूदा बजटीय आबंटन को अपर्याप्त करार दिया है। साथ ही अनुशंसा की है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के अनुरूप शिक्षा पर व्यय बढ़ाकर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का छह फीसद किया जाए। राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने मंगलवार को उच्च शिक्षा विभाग की वर्ष 2025-26 की अनुदान मांगों पर आधारित अपनी 364वीं रिपोर्ट में की गई सिफारिशों पर कार्रवाई संबंधी 381वीं रिपोर्ट राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन को सौंपी। समिति ने कहा कि वर्ष 2024-25 के बजट अनुमान की तुलना में वर्ष 2025-26 के लिए उच्च शिक्षा विभाग के बजट आबंटन में हुई फीसद वृद्धि पिछले साल के मुकाबले कम रही।
8.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री किअर स्टार्मर ने दोनों देशों के बीच हुए व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) के 15 जुलाई से लागू होने की घोषणा की। वाणिज्य मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। यह समझौता लगभग एक साल पहले जुलाई, 2025 में मोदी की लंदन यात्रा के दौरान किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समझौता भारत-ब्रिटेन संबंधों के लिए ऐतिहासिक मील का पत्थर है और इससे द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
9.
हिमालय क्षेत्र भी अब वायु प्रदूषण से अछूते नहीं हैं। ईंधन, वाहनों और मानवजनित गतिविधियों से उत्सर्जित गैसों की वजह से प्रदूषण के स्तर में बदलाव का असर दिखने लगा है। शोधकर्ताओं के एक अध्ययन में पाया गया कि गैर-मीथेन हाइड्रोकार्बन ईंधन के इस्तेमाल, वाहनों और मानव जनित गतिविधियों से उत्सर्जित होने वाली गैसों का समूह, जो ओजोन और द्वितीयक एरोसोल के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के स्वायत्त संस्थान आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान अनुसंधान संस्थान के शोधकर्ताओं ने एक वर्ष तक हिमालयी ऊंचाई पर स्थित पर्यटन स्थल मुनस्यारी में गैर-मीथेन हाइड्रोकार्बन (एनएमएचसी) के स्तर का मापन किया। अध्ययन से यह भी पता चला कि एलपीजी और डीजल जैसे ईंधनों का इस्तेमाल, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन तथा स्थानीय निर्माण गतिविधियां इस दूरस्थ क्षेत्र की वायु गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले प्रमुख स्रोत हैं।
10.
पीओके और अक्साई चिन को देश का हिस्सा नहीं माना
अमेरिका ने अपने आठ साल पुराने फैसले को पलटते हुए अमेरिकी हिंद-प्रशांत कमान का नाम बदलकर फिर से अमेरिकी प्रशांत कमान (यूएसपीएकाम) कर दिया है। इसके अलावा, प्रशांत कमान की वेबसाइट पर मौजूद जिम्मेदारी वाले इलाके के मानचित्र ने देश में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं पैदा कर दी हैं। इसमें भारत की सीमाओं को सही रूप में नहीं दिखाया गया है। मानचित्र में, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा नहीं दिखाया गया है। वेबसाइट के जिस हिस्से में गलत मानचित्र है, वहां यह जानकारी दी गई है कि संबंधित वेब पेज को आखिरी बार मार्च में अद्यतन किया गया था।

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