Explore All Exams at KGS

All Exams
Explore All Exams at KGS
Khan Sir Courses
Geography I Polity I History | World Map I Indian Map I Economics I Biology
UPSC & State PSC
UPSC I BPSC I UP-PSC I MP-PSC
State Exams
UP I Bihar I MP | Rajasthan
NEET | JEE | CUET
NEET | JEE | CUET
Defence Exams
NDA I CDS I CAPF I AFCAT I SSB I Agniveer
Police Exams
UP SI | Bihar SI | Delhi Police | UP Constable
SSC Exams
CGL I CPO I CHSL I MTS I SSC GD I Delhi Police
Foundation Courses
Physics I Chemistry I Biology I History I Geography I Polity I NCERT I Math I English | Map I Reasoning
Railway Exams
RRB | RPF
Teaching Exams
TET | Teaching | UGC
Banking Exams
SBI | RBI | IBPS
Engineering Exams
Civil | Electrical | Mechanical
UGC NET
UGC NET/JRF
News Highlights provides you with the best compilation of the Daily News Highlights taking place across the globe: National, International, Sports, Science and Technology, Banking, Economy, Agreement, Appointments, Ranks, and Report and General Studies

1.
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की आक्रामक रणनीति के विरुद्ध अपनी-अपनी सुरक्षा को चाक-चौबंद करने में जुटे भारत व इंडोनेशिया ने मंगलवार को कुछ ऐसे रक्षा समझौते किए जो दोनों देशों को रणनीतिक तौर पर और करीब लाने जा रहे हैं। इंडोनेशिया ने भारत से ब्रह्मोस मिसाइल और हवा से हवा में मार करने वाली अस्त्र मिसाइलों को खरीदने का समझौता किया है।
2.
एथनाल मिश्रित पेट्रोल (ई-20) को लेकर देशभर में बढ़ते विवाद और उपभोक्ताओं की शिकायतों (माइलेज में कमी, इंजन में संभावित समस्या) के बीच केंद्र सरकार पेट्रोल पंपों पर बिना एथनाल वाला सामान्य पेट्रोल उपलब्ध कराने की संभावना पर गंभीरता से विचार कर रही है। इस बारे में विभिन्न मंत्रालयों में विमर्श जारी है। तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) से भी सुझाव लिए गए हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों और सरकारी तेल विपणन कंपनियों के प्रतिनिधियों के अनुसार इस प्रस्ताव को लागू करने में सबसे बड़ी बाधा कीमत निर्धारण करने को लेकर आ सकती है, जिसका समाधान निकालना है। साथ ही पेट्रोल पंपों पर बिना मिश्रण वाले पेट्रोल के लिए अतिरिक्त डिस्पेंसर लगाने की व्यवस्था भी करनी होगी।
3.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पर्यावरण संतुलन की चिंता किए बिना होने वाला विकास सीधे तौर पर बेईमानी है। विकास हमेशा पर्यावरण अनुकूल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्षों से दिल्ली रिज में पर्यावरण के अनुकूल नहीं होने वाले विदेशी एवं जहरीले बबूल जैसे वृक्षों ने जगह बना ली थी। अब इन्हें हटाकर देसी प्रजातियों के वृक्ष लगाए जाएंगे। शाह ने कहा कि वर्ष 1994 में दिल्ली के 7784 हेक्टेयर रिज क्षेत्र को भारतीय वन अधिनियम के तहत अधिसूचित किया गया था, लेकिन इसकी अंतिम अधिसूचना 30 वर्षों से लंबित थी। दिल्ली सरकार ने इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाते हुए इसमें से लगभग पांच हजार हेक्टेयर क्षेत्र को वन क्षेत्र घोषित कर दिया है।
4.
नरेन्द्र मोदी को मंगलवार को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'बिंतांग एडिपुर्णा आफ द रिपब्लिक आफ इंडोनेशिया' (बीतांग आदिपूर्णा) से सम्मानित किया गया। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने जकार्ता के मेर्डेका पैलेस में आयोजित विशेष समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। यह सम्मान इंडोनेशिया की एकता, निरंतरता, समृद्धि में असाधारण योगदान देने वाले व्यक्तियों को दिया जाता है। यह पीएम मोदी को प्राप्त 35वां विदेशी नागरिक सम्मान है।
5.
भारतीय प्रबंधन संस्थान (आइआइएम) अहमदाबाद के बाद अब आइआइएम-बैंगलोर ने भी देश से बाहर अपने कदम बढ़ाए हैं जो इंडोनेशिया में अपना पहला विदेशी कैंपस खोलेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को अपनी इंडोनेशिया यात्रा के दौरान इसकी घोषणा की। साथ ही कहा कि इस परिसर का व्यापक लाभआसियान क्षेत्र के युवाओं को मिलेगा। उल्लेखनीय है कि आइआइएम अहमदाबाद ने पिछले वर्ष यानी सितंबर, 2025 में दुबई (यूएई) में अपना विदेशी कैंपस शुरू किया है।
6.
कौशल प्रशिक्षण को व्यावहारिक और रोजगारपरक बनाने के लिए सरकार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) को अपग्रेड करने के साथ ही इनमें औद्योगिक समूहों की साझेदारी चाहती है। इसी उद्देश्य के साथ केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई 60 हजार करोड़ रुपये के अनुमानित खर्च वाली प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लायबिलिटी ट्रांसफार्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आइटीआइ (पीएम-सेतु) योजना को पायलट मोड से निकालकर देशभर के 200 आइटीआइ क्लस्टर में इसे लागू करने का निर्णय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने लिया है। इसके साथ ही गुजरात, ओडिशा और तेलंगाना के पांच क्लस्टरों में कुल 1237.58 करोड़ रुपये की जिंदल, आर्सेलर मित्तल और अपोला मेड-स्किल्स सहित अन्य औद्योगिक साझेदारों की रणनीतिक निवेश योजनाओं को सरकार ने अपनी स्वीकृति दे दी है।
7.
स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में भले ही चंडीगढ़ ने देशभर में फिर से शीर्ष में जगह बनाई है, पर अभी भी वह उत्कर्ष श्रेणी से काफी पीछे है। राष्ट्रीय सूचकांक में 1000 में से 761-820 अंक यानी 61-70 प्रतिशत स्कोर प्राप्त करते हुए चंडीगढ़ ने परफार्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआइ) 2.0 में उत्तम 3 ग्रेड हासिल किया है। हालांकि उप्र, बिहार, मप्र, झारखंड, बंगाल व छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में स्कूली शिक्षा की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। ये सभी आंकाक्षी-1 श्रेणी में ही बने हुए हैं।
8.
भारत ने नशाखोरी व मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ निर्णायक व अभूतपूर्व जंग का ऐलान कर दिया है। देश की युवा पीढ़ी को इस दलदल से बचाने व सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए गृह मंत्री अमित शाह द्वारा हाल ही में अपनी तरह का पहला 'नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डाक्यूमेंट 2026-2029' जारी किया गया है। अगले तीन वर्षों में 'नशा मुक्त भारत' बनाने का यह ऐसा भावपूर्ण व कठोर संकल्प है, जो देश के हर नागरिक को सुरक्षित भविष्य की उम्मीद देता है।
9.
नर्मदा अवार्ड लाभार्थी राज्यों- महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच कई सालों से चले आ रहे लंबित भुगतान का मंगलवार को रास्ता निकल आया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की पहल पर समझौता हो गया। इस पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल केंद्र और राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
10.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इंडोनेशिया के साथ आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं नए सिरे से गठित हो रही हैं, तकनीकी प्रतिस्पर्धा लगातार तेज हो रही है, ऊर्जा व्यवस्था एक बड़े परिवर्तन के दौर से गुजर रही है और समुद्री सुरक्षा पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। आज भारत ऐसे भरोसेमंद साझेदारों की तलाश में है, जो उसकी आर्थिक प्रगति, तकनीकी क्षमता और राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने में सहयोगी बन सकें, लेकिन रणनीतिक स्वायत्तता पर कोई प्रभाव न पड़े। आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड इस दृष्टि से भारत के स्वाभाविक साझेदार हैं। दोनों लोकतांत्रिक देश हैं, समुद्री शक्ति रखते हैं और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिर, खुली तथा नियम-आधारित व्यवस्था के समर्थक हैं।
11.
कोई भी स्टार्टअप अपनी संकल्पना के साथ जोखिम लिए होता है। यदि उसमें किसी प्रकार का सहयोग मिले तो उसके सफल होने की संभावना बढ़ जाती है। उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप नीति-2026 को दी गई स्वीकृति से युवा उद्यमियों की राह आसान होगी। व्यावसायिक धरातल पर सबसे ज्यादा आवश्यकता पूंजी, उसके प्रवाह और अन्य तकनीकी अनुमति की होती है। शासन ने नई नीति के अंतर्गत स्टार्टअप मिशन की स्थापना, 1000 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड और 400 करोड़ का डा. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय कार्पस फंड गठित किया है, उससे नई उम्मीद जगती है। स्टार्टअप को शुरुआती दो वर्षों तक हर महीने 20 हजार रुपये की भरण पोषण सहायता, 15 लाख से 50 लाख रुपये तक आरंभिक पूंजी और पांच करोड़ रुपये तक समानुपातिक अनुदान मिलने से प्रदेश में नए उद्यम को प्रोत्साहन मिलेगा।
12.
इजरायल की गिनती कभी दुनिया के सर्वाधिक जल तनाव वाले देशों में होती थी, पर प्रभावी जल प्रबंधन और उन्नत तकनीक के बल पर वह अपने नागरिकों को पर्याप्त, नियमित और सुरक्षित जल उपलब्ध कराने में न सिर्फ कामयाबी पाई है, बल्कि इस मामले में पथ-प्रदर्शक भी बन चुका है। दुनिया इजरायल के अनुभवों से बहुत कुछ सीख सकती है।
इजरायल ने 1948 में स्वतंत्रता की घोषणा तो कर दी, लेकिन उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती जल संकट की थी। आधे से अधिक भूभाग पर फैले रेगिस्तान, तेजी से बढ़ती जनसंख्या और जलवायु संकट के बीच जल संकट से निपटने के लिए इजरायल ने ऐसे कई प्रयोग किए, जो आगे चलकर दुनिया के लिए उदाहरण भी बने। इजरायल ने 1950 के दशक में 130 किलोमीटर लंबी जल परियोजना 'नेशनल वाटर कैरियर' शुरू की, जिसके जरिये वह देश के उत्तर से मध्य और शुष्क दक्षिणी क्षेत्रों तक पानी पहुंचाने में सफल रहा। इससे न सिर्फ सूखे क्षेत्रों की पानी की आवश्यकता पूरी हुई, बल्कि कृषि और जनजीवन में भी सुधार आया। इसके एक दशक बाद इजरायल ने कृषि क्षेत्र में पानी की मांग को पूरा करने और बर्बादी नियंत्रित करने के लिए ड्रिप सिंचाई तकनीक ईजाद की, जिसने दुनिया को कम पानी में अधिक पैदावार की राह दिखाई।
13.
कभी कृषि के लिए वरदान साबित होने वाला मानसून अब अपनी प्रकृति में बहुआयामी होता जा रहा है। इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में अपनी सामान्य तिथि से तीन दिन की देरी से पहुंचा। इसके बाद यह क्रमिक रूप से महाराष्ट्र, तेलंगाना और ओडिशा से गुजरते हुए आगे बढ़ता गया। हालांकि अब यह लगभग पूरे देश में पहुंच चुका है, परंतु एक गंभीर प्रश्न यह उभर रहा है कि मानसून का भौगोलिक विस्तार अब अपने साथ पर्याप्त वर्षा की गारंटी नहीं दे रहा है, और यह तथ्य इस वर्ष की सबसे बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है
14.
हाल ही में प्रकाशित 'इंडिया स्किल्स रिपोर्ट' के अनुसार स्किल्स रिपोर्ट' के अनुसार देश में एंप्लायबिलिटी (रोजगार पाने की क्षमता) वर्ष 2021-22 की 46.2 प्रतिशत से बढ़कर 2025-26 में 56.3 प्रतिशत हो गई है। यह एक उत्साहजनक रुझान है और इस बात का मजबूत संकेत भी कि हमारा शिक्षित कार्यबल सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह सरकारी नीतिगत हस्तक्षेप, उद्योगों की बढ़ती भागीदारी और एआइ जैसी स्किल सिखाने वाले प्लेटफार्म्स के विस्तार का परिणाम है। लेकिन इस रिपोर्ट का एक मतलब यह भी है कि करीब 44 प्रतिशत कार्यबल अब भी किसी रोजगार के योग्य नहीं है। यानी इन प्रयासों को और बढ़ाने की काफी गुंजाइश है।
15.
रोजगारपरक सेक्टर में भारत का निर्यात बढ़ रहा है और विभिन्न विकसित देशों के साथ व्यापार समझौता होने से इसमें भारी बढ़ोतरी की संभावना भी है। दूसरी तरफ, तेजी से बढ़ रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) के वैश्विक बाजार में भारत की हिस्सेदारी अभी नगण्य दिख रही है। एआइ सर्विस और इससे जुड़ी सप्लाई चेन का बाजार 550 अरब डालर के पास पहुंच चुका है। ग्रांड व्यू रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2026 से वर्ष 2033 के बीच एआइ के वैश्विक बाजार में सालाना 35.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है। अगले सात साल में एआइ का वैश्विक बाजार 3500 अरब डालर का होगा।
16.
सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा है कि बैंक सिर्फ लापरवाही या गलत कानूनी राय के आरोपों के आधार पर वकीलों का नाम इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आइबीए) की चेतावनी सूची में डालकर उन्हें पूरे बैंकिंग क्षेत्र से प्रभावी ढंग से ब्लैकलिस्ट नहीं कर सकते। कोर्ट ने कहा, वकीलों को ब्लैकलिस्ट करना उनके बार काउंसिल के कानूनी अनुशासनात्मक अधिकार क्षेत्र में दखलंदाजी या अतिक्रमण है।
17.
भारत ने अमेरिका से उस प्रस्ताव पर फिर से विचार करने का अनुरोध किय है, जिसके तहत जबरन श्रम से बने सामानों के आयात पर रोक लगाने में कथित विफलता के चलते भारत पर 12.5 प्रतिशत टैरिफ लगाने की बात कही गई है। इतना ही नहीं भारत ने किसी भी खास चिंता को दूर करने के लिए अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) के साथ बातचीत करने की इच्छा व्यक्त की है। यूएसटीआर ने 11 और 12 मार्च, 2026 को जबरन श्रम और जरूरत से ज्यादा औद्योगिक क्षमता से जुड़ी चिंताओं को लेकर 60 देशों के खिलाफ दो अलग-अलग 'सेक्शन 301' जांच शुरू की थीं। तीन जून को यूएसटीआर ने जबरन श्रम से जुड़ी जांच के नतीजे जारी किए और 54 देशों से होने वाले आयात पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा।
18.
नाटो के सदस्य देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यह संदेश देने में जुटे दिख रहे हैं कि वे यूरोप की रक्षा के लिए अधिक खर्च करने के उनके आह्वान का पालन कर रहे हैं। ट्रंप के साथ शिखर सम्मेलन से पहले नाटो के नेताओं ने मंगलवार को अरबों डालर के हथियार समझौतों की घोषणा की। नाटो (उत्तर अटलांटिक संधि संगठन) के 32 सदस्य देशों के नेताओं का यह दो दिवसीय सम्मेलन तुर्किये के अंकारा शहर में मंगलवार से शुरू हो गया।

Course Related Query:
Ask Your DoubtsStore Related Query:store@khanglobalstudies.comNEET | JEE | CUET
NCERT Books
Resources
We love learning. Through our innovative solutions, we encourage ourselves, our teams, and our Students to grow. We welcome and look for diverse perspectives and opinions because they enhance our decisions. We strive to understand the big picture and how we contribute to the company’s objectives. We approach challenges with optimism and harness the power of teamwork to accomplish our goals. These aren’t just pretty words to post on the office wall. This is who we are. It’s how we work. And it’s how we approach every interaction with each other and our Students.
Come with an open mind, hungry to learn, and you’ll experience unmatched personal and professional growth, a world of different backgrounds and perspectives, and the freedom to be you—every day. We strive to build and sustain diverse teams and foster a culture of belonging. Creating an inclusive environment where every students feels welcome, appreciated, and heard gives us something to feel (really) good about.