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1.
समुद्रतटीय क्षेत्रों पर मंडराता खतरा
भारत में कारखाने स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने वाली उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआइ) से माड्यूल उत्पादन क्षमता में भारी उछाल आया है। चीन में पुराने दिनों को याद किया जा रहा है जब चीनी और भारत की तटीय पट्टी केवल भौगोलिक सीमा नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था की एक प्रमुख धुरी है। देश के अधिकांश बड़े बंदरगाह, समुद्री व्यापार, पर्यटन, पेट्रोकेमिकल उद्योग और उभरती हुई नीली अर्थव्यवस्था इसी क्षेत्र पर आधारित है। करोड़ों लोगों की आजीविका सीधे समुद्र से जुड़ी है। यदि तटीय क्षेत्रों की जलवायु सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो इसका प्रभाव केवल तटीय राज्यों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था, खाद्य सुरक्षा और रोजगार पर भी इसका असर पड़ेगा। ऐसे में सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि हमारी विकास नीतियां इस चुनौती के लिए कितनी तैयार हैं?
2.
सौर ऊर्जा : उत्पादन का केंद्र बना भारत, चीन को मिल रही चुनौती
भारतीय फोटोवोल्टिक कंपनियों के बीच संबंध काफी सरल थे। चीन उत्पादन करता था और भारत उपभोग करता था। वर्ष 2000 से 2015 तक, भारत में चीन का संचयी निवेश केवल 1.24 बिलियन अमेरिकी डालर था, जो भारत में कुल वैश्विक निवेश के 0.5 फीसद से भी कम था, इसलिए चीन के लिए भारत चीनी उत्पादों का केवल एक डाउनस्ट्रीम खरीदार था। हाल के वर्षों में चीजें तब बदलने लगीं जब भारत ने अपनी 'मेक इन इंडिया' पहल और उसके साथ सहायक उपाय शुरू किए।
3.
भारतीय वैज्ञानिकों ने सूर्य में बदलाव का पता लगाया
कोडईकनाल की वेधशाला में रखे सूर्य के चित्रों का विश्लेषण कर भारतीय वैज्ञानिकों ने यह पता लगाया है कि बीते सौ वर्षों में उसकी गतिविधियों में क्या बदलाव आए हैं। इस अध्ययन में कृत्रिम मेधा की मदद ली गई है। कृत्रिम मेधा से कोडईकनाल वेधशाला के 100 वर्ष पुराने सूर्य चित्रों को डिजिटल डेटा में बदलकर सौर गतिविधियों का अध्ययन किया गया। शोधकर्ताओं ने 'मशीन लर्निंग' से सूर्य के 'प्लेग्स' पहचानकर 1916 से 2007 तक सौर चक्रों का विस्तृत विश्लेषण किया। इस अध्ययन से 'बटरफ्लाई डायग्राम' तैयार हुआ, जिसमें सूर्य की चुंबकीय गतिविधियों का समय और स्थान आधारित पैटर्न दिखा।
4.
नई कूटनीतिक इबारत लिख रहे भारत-जापान
साझा आर्थिक चुनौतियां
होर्मुज जलमार्ग के संकट ने भारत और जापान के लिए बड़ी आर्थिक चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। दोनों को अपने सीमित घरेलू भंडारों का उपयोग करते हुए, पश्चिम एशियाई तेल और प्राकृतिक गैस पर अत्यधिक निर्भरता के कारण मजबूरन अन्य आपूर्तिकर्ताओं की तरफ रुख करना पड़ा है। जापानी अर्थव्यवस्था भारी दबाव में है। वहां महंगाई बढ़ी है। भारत ने भी भोजन, ईंधन और उर्वरकों के मामले में भारी महंगाई का सामना किया है। येन और रुपया दोनों कमजोर हुए हैं, जिससे आर्थिक गतिविधियों के लिए और मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।
5.
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा
अब 500 से अधिक शहरों में दौड़ेगी भारत टैक्सी
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी भी बहुत मजबूती से आगे बढ़ रही है। आने वाले दो वर्षों में भारत टैक्सी भारत के 500 से अधिक शहरों में और हर राज्य में उपलब्ध हो जाएगी, जो चालकों को शोषण से मुक्त कर देगी। शाह सोमवार को भारत मंडपम में आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि मशीनरी उत्पादन के लिए केंद्र सरकार ने नेशनल हैवी इंजीनियरिंग कोआपरेटिव के पुनरुद्धार की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कोआपरेटिव डेयरी मशीनरी, प्राथमिक डेयरी की मशीनरी, गैस उत्पादन मशीनरी और खाद उत्पादन मशीनरी भी बनाएगी और आगे बढ़ती रहेगी।
6.
ओपेक प्लस के सात देशों का तेल उत्पादन बढ़ाने का फैसला
तेल उत्पादक देशों के संगठन 'ओपेक प्लस' के कुछ सदस्य देशों ने अगस्त महीने में उत्पादन में मामूली बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। इस कदम से वैश्विक बाजार में अतिरिक्त कच्चा तेल उपलब्ध होने की संभावना है। 'ओपेक प्लस' देशों का यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब ईंधन की कीमतें हाल में घटकर पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने से पहले के स्तर पर आ गई हैं।ओपेक और उसके सहयोगी देशों के समूह 'ओपेक प्लस' ने रविवार को एलान किया कि सात देश अगस्त में कुल मिलाकर 1.88 लाख बैरल कच्चे तेल का प्रतिदिन उत्पादन बढ़ाएंगे। यहलगातार पांचवां महीना है जब समूह ने उत्पादन बढ़ाने पर सहमति जताई है। इस निर्णय में शामिल देशों में सऊदी अरब, रूस, इराक, कुवैत, कजाकिस्तान, अल्जीरिया और ओमान शामिल हैं।
7.
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद ने कहा
नकद अंतरण योजनाओं की नियमित समीक्षा हो
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) ने सोमवार को कहा कि राज्यों में महिलाओं के लिए चल रहीं 'बिना शर्त नकद अंतरण' (यूसीटी) योजनाओं की राशि की समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए, ताकि महंगाई और घरेलू खर्च में बदलाव के अनुरूप यह पर्याप्त बनी रहे।
परिषद ने एक कार्यपत्र में कहा कि महाराष्ट्र और ओड़ीशा में लागू यूसीटी योजनाओं से लाभार्थियों की बचत और खपत में उल्लेखनीय और व्यापक रूप से समान सुधार देखने को मिला है।
8.
हिंद महासागर में बढ़ेगी नौसेना की ताकत, मिलेगा नया समुद्री प्रहरी महेंद्रगिरि
सतह से सतह और सतह से हवा में मार करने वाली अत्याधुनिक मिसाइल प्रणालियों सहित उन्नत हथियारों तथा अत्याधुनिक सेंसर प्रणाली से लैस स्वदेशी स्टील्थ युद्धपोत महेंद्रगिरि को 11 जुलाई को भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।नौसेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो (डब्ल्यूडीबी) द्वारा डिजाइन किए गए और मुंबई की मझगांव डाक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) में निर्मित 'महेंद्रगिरि' परियोजना 17ए के तहत नीलगिरि श्रेणी का छठा युद्धपोत है। इसमें वायु रोधी, सतह रोधी और पनडुब्बी रोधी अभियानों को अंजाम देने की क्षमता है। यह समुद्री सुरक्षा, शक्ति प्रदर्शन, मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर), खोज एवं बचाव तथा समुद्र में लंबे समय तक तैनाती जैसे अभियानों के लिए भी उपयुक्त है। यह युद्धपोत स्वदेशी और अत्याधुनिक हथियारों एवं सेंसरों से लैस है।
9.
जयशंकर ने की बहरीन के विदेश मंत्री से द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल्लतीफ बिन राशिद अल जयानी से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने तथा क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर चर्चा की। खाड़ी क्षेत्र में चार देशों की 5 से 10 जुलाई तक की यात्रा के दूसरे चरण में जयशंकर कतर से बहरीन पहुंचे। उनकी यात्रा के कार्यक्रम में कुवैत व ओमान भी शामिल हैं।
10.
गुवाहाटी में ब्रिक्स सदस्य देशों का मादक पदार्थ-रोधी सम्मेलन शुरू
नशीले पदार्थों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई पर जोर
ब्रिक्स सदस्य देशों ने सोमवार को मादक पदार्थों के खतरे से सामूहिक रूप से निपटने के महत्त्व पर जोर दिया। उन्होंने इसे एक ऐसा अंतरराष्ट्रीय खतरा बताया, जिससे मुकाबला करने के लिए देशों के बीच बेहतर सहयोग और बेहतरीन तौर-तरीकों को साझा करने की जरूरत है।गुवाहाटी में शुरू हुई ब्रिक्स देशों की मादक पदार्थ-रोधी एजेंसियों के प्रमुखों की दो दिवसीय बैठक में भाग लेते हुए प्रतिनिधियों ने संगठन की सहयोग की परंपरा को भी रेखांकित किया और इसे और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। दो दिनों तक चलने वाली इस बैठक में तीन प्रमुख विषयों पर चर्चा होगी सिंथेटिक मादक पदार्थों और उनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रसायनों के दुरुपयोग व अवैध तस्करी पर रोक, खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त अभियानों के बेहतर समन्वय को मजबूत करना तथा क्षमता निर्माण और संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देना।
11.
कोच्चि में महिला कार्य समूह की बैठक
ब्रिक्स महिला कार्य समूह की बैठक सोमवार को कोच्चि में शुरू हुई। इसमें ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव अनिल मलिक ने दो दिवसीय बैठक की शुरुआत भाग लेने वाले देशों के प्रतिनिधियों का स्वागत कर की। बैठक में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और यूएई के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। ब्रिक्स के महिला मामलों के मंत्रियों की बैठक आठ और नौ जुलाई को कोच्चि में आयोजित की जाएगी।
12.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया पहुंचे
भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति को मिलेगी मजबूती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में सोमवार को इंडोनेशिया पहुंचे। उनकी इस यात्रा का उद्देश्य भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति, 'महासागर विजन' और एक स्वतंत्र, खुले एवं समावेशी हिंद-प्रशांत के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को अधिक मजबूत करना है।

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