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News Highlights provides you with the best compilation of the Daily News Highlights taking place across the globe: National, International, Sports, Science and Technology, Banking, Economy, Agreement, Appointments, Ranks, and Report and General Studies

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DAINIK JAGRAN

1.

मंदिर 'सार्वजनिक संस्था नहीं' होने की दलील देकर रिकार्ड देने से नहीं बच सकतेः सीआइसी

केंद्रीय सूचना आयोग (सीआइसी) ने सूचना के अधिकार कानून (आरटीआइ) को लेकर बेहद अहम और संवेदनशील फैसला सुनाया है। सीआइसी ने पुडुचेरी के हिंदू धार्मिक संस्थान और वक्फ विभाग को कड़े निर्देश देते हुए कहा है कि कोई मंदिर 'पब्लिक अथारिटी' (सार्वजनिक संस्था) नहीं है, सिर्फ इस दलील के आधार पर सरकारी विभाग मंदिर से जुड़े रिकार्ड सार्वजनिक करने की अपनी वैधानिक जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकता। दरअसल, यह पूरा मामला 'श्री वेदपुरीश्वरर श्री वरदराजपेरुमल देवस्थानम' मंदिर से जुड़े रिकार्ड्स और बजट की जानकारी मांगने से जुड़ा है। एक आवेदक ने पुडुचेरी के हिंदू धार्मिक संस्थान और वक्फ विभाग से इस मंदिर के साल 2021 से 2025 तक के वार्षिक बजट, आडिट रिपोर्ट, संपत्तियों के हस्तांतरण और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ आई शिकायतों तथा उन पर हुई कार्रवाई का ब्योरा मांगा था।


2.

मेटा को तुरंत हटाना होगा बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा कंटेंट

इंस्टाग्राम पर पेड विज्ञापनों में बच्चों के यौन शोषण एवं दुर्व्यवहार से जुड़ी जुड़ी सामग्री (सीएसईएएम) को लेकर सरकार ने मेटा को सख्त नोटिस जारी किया है। इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इंस्टाग्राम को ऐसे सभी विज्ञापनों और सामग्री को हटाने (डिसएबल करने) का आदेश दिया है जो सीएसईएएम को बढ़ावा देते हैं या उन तक पहुंच आसान बनाते हैं। मेटा, लोकप्रिय इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक, इंस्टाग्राम और वाट्सएप की मालिक है।


3.

गांवों के विकास को नई उड़ान : केंद्र सरकार ने जारी किए 25,863 करोड़

केंद्र सरकार ने ग्रामीण भारत को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने 'विकसित भारत-गारंटी फार रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' यानी 'वीबी-जी-राम-जी' योजना के तहत पहली किस्त के रूप में 25,863 करोड़ की भारी-भरकम राशि जारी कर दी है। सरकार का संकल्प है कि इस योजना के जरिये ग्रामीणों को सम्मानजनक रोजगार मिले और उनके पसीने की हर बूंद का सही मोल समय पर चुकाया जा सके।


4.

असमिया भाषी असम विधानसभा में हिंदी बन रही आधिकारिक भाषा

असम विधानसभा के इतिहास में पहली बार राष्ट्रभाषा हिंदी भाषा को विधानसभा के कामकाज में शामिल किया गया है। यह पहल विधानसभा अध्यक्ष रंजीत कुमार दास के नेतृत्व में की गई है। असमिया, अंग्रेजी और बोडो भाषाओं के साथ हिंदी भाषा 6 जुलाई से 16वीं असम विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन से आधिकारिक रूप से विधायी कामकाज में शामिल की जाएगी। दास ने बताया कि हिंदी भाषा को शामिल करने का निर्णय असम विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति की बैठक में लिया गया, जो शनिवार को उनके अध्यक्षता में हुई थी।


5.

आइसीएमआर-माइंड्स ने ई-गवर्नेस राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 में स्वर्ण पदक जीता

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) की प्रमुख पहल और राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान प्राथमिकता परियोजना 'आइसीएमआर-माइंड्स' ने प्रशासनिक सुधार और जन शिकायत मंत्रालय (डीएआरपीजी), कार्मिक मंत्रालय द्वारा स्थापित ई-गवर्नेस राष्ट्रीय पुरस्कारों में स्वर्ण पुरस्कार जीता है। इसने नागरिक-केंद्रित सेवाओं के लिए एआइ और अन्य नई तकनीकों के उपयोग द्वारा नवाचार श्रेणी में पुरस्कार प्राप्त किया। आइसीएमआर-माइंड्स मानसिक व पदार्थ उपयोग विकारों की स्क्रीनिंग और प्रबंधन के एकीकरण पर एक कार्यान्वयन अनुसंधान अध्ययन है, जो अन्य गैर-संक्रामक बीमारियों के साथ है।


6.

बाली में भारतीय कर सकेंगे यूपीआइ से भुगतान

सोमवार से शुरू हो रही पीएम नरेन्द्र मोदी की तीन दिवसीय इंडोनेशिया यात्रा भारत और इंडोनेशिया के द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों को एक नई दिशा प्रदान करेगी। इस यात्रा के दौरान दोनों देश डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, भुगतान प्रणाली, रक्षा सहयोग को बढ़ा कर अपनी साझेदारी को और गहरा करेंगे। इस यात्रा के दौरान भारत के यूपीआइ और इंडोनेशिया के क्यूरिस के बीच डिजिटल भुगतान लिंकेज का समझौता होगा। इससे बाली और अन्य इंडोनेशियाई पर्यटन स्थल पर जाने वाले लाखों भारतीय पर्यटकों के लिए भुगतान बेहद आसान, तेज और सस्ता हो जाएगा। इंडोनेशिया से कारोबार करने वाले भारतीय व्यवसायियों को भी लाभहोगा। विदेश मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि इंडोनेशिया धीरे-धीरे भारत के कई विकास कार्यक्रमों से प्रेरणा ले रहा है। इंडोनेशिया का ओपन नेटवर्क (आइओएन) भारत के ओपन नेटवर्क फार डिजिटल कामर्स (ओएनडीसी) माडल से प्रेरित है।


7.

सरकार ने गैस पर लगाए गए आपात प्रतिबंध हटाए

पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और होर्मुज जलडमरूमध्य से एलएनजी (तरल प्राकृतिक गैस) की आपूर्ति सामान्य होने के बाद केंद्र सरकार ने प्राकृतिक गैस आपूर्ति पर लगाए गए अधिकांश आपातकालीन प्रतिबंध वापस ले लिए हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार को अधिसूचना जारी कर प्राकृतिक गैस (आपूर्ति विनियमन) आदेश, 2026 में संशोधन करते हुए प्रमुख प्रविधानों को हटा दिया। इन प्रविधानों के तहत घरेलू और आयातित गैस की आपूर्ति सरकार द्वारा तय प्राथमिकता सूची के अनुसार की जा रही थी।


8.

रेमिटेंस के मामले में उत्तर भारत की कम हिस्सेदारी दिखा रही कौशल की कमी

केंद्र सरकार बीते 12 वर्षों से कौशल विकास के लिए जतन कर रही है, पर आशातीत परिणाम नहीं मिलने से बार-बार कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय को योजनाओं में बदलाव करना पड़ रहा है। राज्य अपने प्रयासों से कैसे सुधार कर सकते हैं, इसकी तस्वीर रिमिटेंस (प्रवासियों द्वारा विदेश से भेजी जाने वाली रकम) को लेकर नीति आयोग की ताजा रिपोर्ट दिखाती है। आयोग की रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे उत्तर भारत के राज्यों से काम के लिए विदेश जाने वाले युवाओं की संख्या तो बढ़ी है, पर भारत आने वाले रेमिटेंस में उनकी हिस्सेदारी बहुत कम है। कौशल की कमी के कारण वह छोटे स्तर के रोजगार से जुड़ रहे हैं, जबकि दक्षिण के युवा पेशेवर के रूप में नौकरियां कर अपने राज्यों की रेमिटेंस में हिस्सेदारी को मजबूत बनाए हुए हैं।


9.

दक्षिण अफ्रीका से भारत आएंगे और चीते

प्रोजेक्ट चीता की सफलता से उत्साहित दक्षिण अफ्रीका अब भारत को और चीते देने को राजी हो गया है। इसके तहत जल्द ही छह से आठ और चीते लाए जा सकते हैं। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की दक्षिण अफ्रीका के शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई चर्चा में बनी सहमति के बाद चीतों की नई खेप को कूनो में रखने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। वैसे भी कूनो में बाहर से आने वाले चीतों को रखने के लिए जो ढांचा तैयार किया है, उसमें भविष्य में भी बाहर से आने वाले चीतों का लांचिंग ग्राउंड कूनो ही रहेगा। फिलहाल मौजूदा समय में मध्य प्रदेश के कूनो और गांधी सागर अभयारण्यों में 53 चीते हैं।


10.

मानव पूंजी से समृद्ध देशों की होगी इक्कीसवीं सदी

वर्ष 2025 में, विदेशों में काम करने वाले भारतीयों ने स्वदेश में अनुमानित 140 अरब डालर की धनराशि यानी रेमिटेंस भेजी, जो इतिहास में किसी भी देश द्वारा प्राप्त की गई अब तक की सबसे बड़ी राशि है। यह आंकड़ा हंगरी और कुवैत जैसे देशों के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) से भी अधिक है। यह भारत के वार्षिक सार्वजनिक स्वास्थ्य खर्च से ज्यादा है, और देश के सबसे बड़े व्यापारिक निर्यात क्षेत्रों की बराबरी करता है। इसके बावजूद, भारत अपने वैश्विक प्रतिभा नेटवर्क को एक रणनीतिक आर्थिक संपत्ति के बजाय प्रवासन के एक सह-उत्पाद के रूप में देखता आ रहा है। रेमिटेंस को अक्सर परिवार के सदस्यों के बीच होने वाले निजी लेनदेन के रूप में खारिज कर दिया जाता है। वास्तव में, यह पैसा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, आवास और उद्यमिता को वित्तपोषित करता है, साथ ही विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करता है और बाहरी कमजोरियों को कम करता है। भारत का प्रवासी समुदाय असाधारण पैमाने पर एक अनौपचारिक आर्थिक स्थिरता प्रदाता बन गया है।


11.

पासपोर्ट से जाएगा भारत का अगला बड़ा निर्यात

श्रमिक गतिशीलता (वर्कर मोबिलिटी) भारत के सबसे बड़े वैश्विक आर्थिक अवसरों में से एक बनती जा रही है। उम्र दराज होती आबादी, नई तकनीकें और बढ़ती बुनियादी ढांचागत जरूरतें विकसित और खाड़ी देशों में श्रमिकों की कमी पैदा कर रही हैं। इससे भारतीय पेशेवरों, तकनीशियनों और कम कुशल श्रमिकों के लिए बड़े अवसर पैदा हो सकते हैं, जिससे विदेशी रोजगार भारत की अर्थव्यवस्था और वैश्विक उपस्थिति के लिए लगातार महत्वपूर्ण हो जाएगा। एक करोड़ 80 लाख से अधिक भारतीय विदेश में रहते हैं, जबकि व्यापक प्रवासी आबादी तीन करोड़ 50 लाख से अधिक है। संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, कुवैत और ओमान जैसे खाड़ी देश शहरों, हवाई अड्डों, सड़कों, होटलों, अस्पतालों और सेवा उद्योगों के निर्माण और उन्हें चलाने के लिए भारतीय प्रवासी श्रमिकों पर बहुत अधिक निर्भर हैं।


12.

दीर्घकालिक रणनीति से मजबूत विकास

वर्ष 2014 से 2026 के बीच का कालखंड समकालीन भारतीय इतिहास के सबसे परिवर्तनकारी दौर में से एक रहा है। इस दौरान सार्वजनिक विमर्श का अधिकांश भाग जनकल्याणकारी योजनाओं, आर्थिक प्रगति, विदेश नीति तथा राजनीतिक मुद्दों पर केंद्रित रहा है। नौकरशाही की जटिलताएं, संसाधनों का रिसाव, भ्रष्टाचार तथा अंतिम व्यक्ति तक सेवाओं की कमजोर पहुंच अक्सर नीति-निर्माण और उसके वास्तविक परिणामों के बीच बड़ी बाधा बनती रही हैं। इन बाधाओं को दूर करते हुए देश निरंतर आगे बढ़ रहा है


13.

सहकारिता से आर्थिकी को गति

भारत की लगभग 50 प्रतिशत जनंसख्या आज भी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है। ऐसे में किसानों की समृद्धि ही विकसित भारत के निर्माण की सबसे मजबूत आधारशिला है। भारत का सहकारी तंत्र केवल कृषि तक सीमित नहीं है। यह ग्रामीण रोजगार, महिला सशक्तीकरण, दुग्ध उत्पादन, लघु उद्योग और वित्तीय समावेशन का भी एक मजबूत माध्यम है। विकसित भारत के निर्माण में यह माडल सामाजिक और आर्थिक असमानताओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सहकारिता का ढांचा ग्रामीण भारत की वास्तविक आवश्यकताओं के सबसे निकट है।


14.

दोस्ती की नई इबारत, दोहा में जयशंकर -ने की कतर के प्रधानमंत्री से मुलाकात

पश्चिम एशिया के तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच भारत ने अपने कूटनीतिक कदमों को

और तेज कर दिया है। इसी सिलसिले में, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को खाड़ी देशों की अपनी यात्रा के पहले पड़ाव पर दोहा में कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी से मुलाकात की। साल 2025 में कतर के अमीर की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के रिश्ते 'रणनीतिक साझेदारी' में तब्दील हुए थे। उसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए, इस बैठक में ऊर्जा, व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की गहन समीक्षा की गई।


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DAINIK JAGRAN (06 Jul 2026) | Daily News Highlights