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DAINIK JAGRAN

1.

वाहन आपस में करेंगे 'बात', हादसे से पहले मिलेगी चेतावनी

सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और वाहनों को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने व्हीकल-टू-व्हीकल (वी2वी) कम्युनिकेशन सिस्टम लागू करने के लिए केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 संशोधन का मसौदा जारी किया है। इस में तकनीक के जरिये वाहन एक-दूसरे से रियल टाइम में जानकारी साझा करेंगे, जिससे संभावित दुर्घटना की स्थिति बनने से पहले ही चालक को चेतावनी मिल सकेगी। इस तकनीक को भविष्य की स्वचालित और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम की नींव माना जा रहा है।


2.

बैंकों के डिजिटल रिकार्ड भी कोर्ट में माने जाएंगे सुबूत

बैंकों में रखे जाने वाले डिजिटल रिकार्ड को भी आने वाले दिनों में बतौर सुबूत अदालतों में पेश किया जा सकेगा। अभी देश में जो कानून है, उसके मुताबिक बैंकों के कागजी रिकार्ड ही सुबूत माने जाते हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में 'बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026' पेश किया। यह विधेयक 125 साल पुराने 'बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट, 1891' की जगह लेगा। विधेयक का उद्देश्य है डिजिटल बैंकिंग के दौर में बैंक रिकार्ड को अदालती सुबूत के रूप में आसानी से स्वीकार करने का आधुनिक और तकनीक आधारित कानूनी ढांचा तैयार करना।


3.

सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल लोस में बिना चर्चा के पारित

सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने वाला विधेयक सोमवार को लोकसभा ने बिना चर्चा के पारित कर दिया। यह विधेयक इस संबंध में जारी अध्यादेश का स्थान लेगा। विपक्ष के सदस्यों ने नीट पेपर लीक और राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुद्दों पर नारेबाजी जारी रखी, इस कारण विधेयक पर चर्चा नहीं हो सकी। अध्यादेश जारी करने की निंदा करने वाला विपक्ष का एक वैधानिक प्रस्ताव भी ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया। पिछले हफ्ते जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण कानून में संशोधन का विधेयक भी इसी तरह लोकसभा से बिना चर्चा के पारित हुआ था।


4.

बच्चों के लिए मुआवजा तय करते समय उनके भविष्य का भी रखें ध्यानः सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मानव गरिमा जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है और मोटर दुर्घटना मुआवजे से संबंधित कानून के तहत खासकर स्थायी या लगभग पूर्ण विकलांगता का सामना करने वाले बच्चों के मामले विशेष श्रेणी बनाते हैं। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में मुआवजे का निर्धारण करते समय न्यायालयों को ध्यान रखना चाहिए कि जो कुछ छिन गया है, वह केवल शारीरिक क्षमता नहीं है, बल्कि बच्चे का पूरा भविष्य है।


5.

विदेश में पंजीकृत निवेश कोष के लिए कर छूट की शर्तें होंगी आसान

सरकार ने भारत से प्रबंधित पात्र निवेश कोष के लिए वैश्विक आय पर कर छूट पाने की पात्रता शर्तों में व्यापक ढील देने का प्रस्ताव किया है। इस पहल का मकसद भारत को वैश्विक कोष प्रबंधन केंद्र के रूप में मजबूत बनाना है। कराधान एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 के अनुसार, वैश्विक आय पर कर छूट का लाभ लेने के लिए 'आफशोर फंड' यानी विदेशी क्षेत्र में पंजीकृत कोष को अब न्यूनतम 25 निवेशकों की अनिवार्यता, किसी एक निवेशक की अधिकतम 10 प्रतिशत हिस्सेदारी, किसी एक इकाई में कुल कोष का 25 प्रतिशत से अधिक निवेश नहीं करने, संबद्ध इकाइयों में निवेश पर पाबंदी तथा 100 करोड़ रुपये के न्यूनतम मासिक औसत कोष जैसी शर्तों का पालन करने की जरूरत नहीं होगी। सरकार ने यह विधेयक संसद सदस्यों के बीच वितरित कर दिया है। इसमें संशोधनों के तहत अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) से संचालित कोषों के लिए अलग कर छूट संबंधी शर्तों को भी समाप्त करने का प्रस्ताव है।


6.

गांव हों या शहर की संकरी गलियां, मिनटों में पहुंचेगी बाइक एंबुलेंस

बढ़ती आबादी, ट्रैफिक जाम और संकरी गलियों वाले शहरों में मरीज तक समय पर आपात चिकित्सा सहायता पहुंचाना बड़ी चुनौती बन गया है। इसी चुनौती से निपटने के लिए केंद्र सरकार देशभर में दोपहिया सड़क एंबुलेंस सेवा शुरू करने की तैयारी कर रही है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इसके लिए मसौदा अधिसूचना जारी कर नियामक ढांचा प्रस्तावित किया है। इसके तहत पहली बार दोपहिया एंबुलेंस को कानूनी पहचान मिलेगी और इनके निर्माण, सुरक्षा, उपकरण, पंजीकरण तथा संचालन के लिए एक समान मानक लागू होंगे। दोपहिया एंबुलेंस व्यवस्था शुरू होने से दूर-दराज के गांवों और दुरूह पहाड़ी इलाकों और जंगलों में भी आपात चिकित्सा सुविधा पहुंचाई जा सकेगी। प्रस्तावित एआइएस-209 (भाग-1) 2026 के अनुसार यह एल-2 श्रेणी का विशेष दोपहिया वाहन होगा, जिसके साथ मरीज को ले जाने या प्राथमिक उपचार देने वाली एम्बुलेंस एक्सेसरी यूनिट जुड़ी होगी।


7.

महिला त्रि-सेवा दल ने दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण समुद्रों को पार कियाः मुर्मु

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को तीनों रक्षा सेवाओं की महिला दल की प्रशंसा की, जिन्होंने दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण समुद्रों में से कुछ को सफलतापूर्वक पार किया, और कहा कि उनकी उपलब्धि युवा भारतीयों को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करेगी। उनके कार्यालय ने एक्स पर कहा कि, ट्राई-सर्विसेस आल-वुमन सर्कमनेविगेशन सेलिंग एक्सपेडिशन के तहत समुद्र प्रदक्षिणा ने लीउविन, हार्न और गुड होप के केप को पार करते हुए दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण समुद्रों में से 25,000 समुद्री मील से अधिक की यात्रा सफलतापूर्वक की है।


8.

जहां भी सड़क है, वहां पैदल चलने वालों के लिए जगह होनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

देश की सर्वोच्च अदालत ने सड़क पर पैदल चलने वालों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया कि देश की हर सड़क पर पैदल चलने वालों के लिए एक सुस्पष्ट, सुरक्षित और अतिक्रमण-मुक्त जगह का प्रविधान हो। कोर्ट ने केंद्र से दोटूक शब्दों में कहा कि सड़क कहीं भी हो, फुटपाथ बनाया जाना चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पैदल चलने के लिए तय जगह को वाहनों की लेन से अलग रखा जाए।


9.

चुस्त-दुरुस्त हों स्वास्थ्य सेवाएं

नीति आयोग ने हाल ही में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए खर्च बढ़ाने की जरूरत बताई थी। आयोग ने कहा था कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और उन्हें देश के हर व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं की मद में खर्च को बढ़ाना होगा। भारत में स्वास्थ्य सेवाओं में जीडीपी का मात्र डेढ़ या दो प्रतिशत ही खर्च होता है। दुनिया के कई देश स्वास्थ्य सेवाओं की मद में आठ से नौ प्रतिशत तक खर्च कर रहे हैं। हमारे देश में व्यवस्था की नाकामी और विभिन्न वातावरणीय कारकों के कारण बीमारियों का प्रकोप ज्यादा होता है। हमारे देश में डाक्टरों की कमी के कारण गरीब लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने में देरी होती है।


10.

तकनीक से अधिक अर्थशास्त्र की चिंता

विश्व में आज सबसे अधिक चर्चा किसी एक तकनीक की सर्वाधिक हो रही है तो वह एआइ है। परंतु आज का परिदृश्य यह बताता है कि एआइ की पहली लड़ाई तकनीक की नहीं, अर्थशास्त्र की है। करोड़ों यूजर होना ही काफी नहीं है, कमाई का स्थायी माडल होना भी जरूरी है। यही कारण है कि निवेशक केवल नई घोषणाओं से प्रभावित नहीं होते। वे यह देखना चाहते हैं कि कौन-सी कंपनी अपने एआइ निवेश को वास्तविक आय, उत्पादकता और व्यावसायिक सफलता में बदल पा रही है। बहुत संभव है कि आने वाले पांच वर्षों में एआइ का परिदृश्य बदल जाए


11.

एमपीसी बैठक में जस की तस रह सकती है रेपो रेट

आरबीआइ की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिनी बैठक सोमवार को शुरू हो गई। वैश्विक अनिश्चितताओं और मुद्रास्फीति से जुड़े जोखिमों के बने रहने के बीच अधिकतर विशेषज्ञों का मानना है कि छह सदस्यीय एमपीसी घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति के बावजूद सतर्क रुख अपनाएगी। इसके अलावा समिति द्वारा रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करने की उम्मीद की जा रही है। केंद्रीय बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा पांच अगस्त को द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के फैसलों की घोषणा करेंगे।


12.

जुलाई में की वृद्धि पांच साल के निचले स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग

नए कारोबारी आर्डर की रफ्तार धीमी पड़ने से देश में मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों की वृद्धि जुलाई में घटकर पांच साल के निचले स्तर पर आ गई। मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण क्रय प्रबंधक सूचकांक (पीएमआइ) जुलाई में घटकर 53.5 पर आ गया जो जून में 54.2 था। यह अगस्त, 2021 के बाद का सबसे निचला स्तर है।


13.

ब्रिटिश संग्रहालय से भारत वापस लाई जाएगी मां सरस्वती की प्राचीन प्रतिमा

हरियाणा सरस्वती हेरिटेज विकास बोर्ड ने 11वीं सदी की प्राचीन मां सरस्वती की प्रतिमा को लंदन स्थित ब्रिटिश म्यूजियम से वापस लाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। यह प्रतिमा मूल रूप से मप्र के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मंदिर की है, जिसे औपनिवेशिक काल (1886-1891) में अंग्रेज इंग्लैंड ले गए थे। यह प्रतिमा अत्यंत प्राचीन, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व की धरोहर है, जो मां सरस्वती के ज्ञान, विद्या और संस्कृति के प्रतीक स्वरूप को दर्शाती है। वर्तमान में यह प्रतिमा लंदन के ब्रिटिश म्यूजियम में सुरक्षित रखी गई है।


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