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DAINIK JAGRAN

1.

'विजय' रोडमैप से युद्ध के नए आयामों के लिए सेना को तैयार करेंगे जनरल धीरज सेठ

नए थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ भारतीय सेना को वैश्विक युद्ध के उभरते नए आयामों और चुनौतियों के मद्देनजर एक शक्तिशाली प्रहारक सैन्य बल बनाने को शीर्ष प्राथमिकता देंगे। सेना प्रमुख की कमान संभालने के पहले ही दिन जनरल धीरज सेठ ने बुधवार को इसके लिए अति आधुनिक टेक्नोलाजी पर भारतीय सेना के लिए अपना विजन 'वीआइजेएवाई' यानि 'विजय' का रोडमैप पेश किया। सेना प्रमुख ने वी विजलेंस यानी सतर्कता, आइ-इनोवेशन, जे-ज्वाइंटनेंस और इंट्रीग्रेशन यानी संयुक्तता तथा एकजुटता, ए- आत्मनिर्भरता और वाई-योद्धा सबसे पहले के दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए कहा कि भारतीय सेना लड़ाई के लिए तैयार और अनुभवी सैन्य बल है। 


2.

भारत पहुंचीं जापान की प्रधानमंत्री, कहा-रणनीतिक संबंधों को प्रगाढ़ करना उद्देश्य

जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाईची बुधवार देर शाम नई दिल्ली पहुंचीं। गुरुवार को उनकी पीएम नरेन्द्र मोदी के साथ शिखर बैठक होगी। दोनों नेता 16 वें भारत-जापान वार्षिक सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे, जिसे मौजूदा वैश्विक उथल-पुथल के बीच बेहद अहम माना जा रहा है। भारत आने से पूर्व तकाईची ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय स्थिति तेजी से अनिश्चित होती जा रही है। ऐसे में जापान के साथ मौलिक मूल्यों और सामरिक हितों को साझा करने वाले भारत के साथ सहयोग पहले से कहीं अधिक अहम हो गया है। इस यात्रा के माध्यम से मैं पीए मोदी के साथ आर्थिक सुरक्षा, निवेश और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग प्रगाढ़ करना चाहती हूं। 


3.

डिजिटल इंडिया ने भारत को दुनिया भर में दी है नई पहचान : मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को सरकार की डिजिटल इंडिया पहल की तारीफ की और कहा कि इसने शासन प्रणाली को नए सिरे से परिभाषित किया है। इसने नागरिकों को सशक्त बनाया है और जीवन के हर पहलू को छूते हुए सर्वांगीण विकास को गति दी है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया के 11 वर्षों ने दुनिया भर में भारत को नई पहचान दिलाई है। आप्टिकल फाइबर नेटवर्क के विस्तार से लेकर डिजिटल लेन-देन तक, इस अभियान की अभूतपूर्व सफलता ने पूरी दुनिया का ध्यान भारत की ओर खींचा है। उन्होंने कहा कि जब एक अरब से अधिक लोग तकनीक को अपनाते हैं, तो उसका असर क्रांतिकारी होता है। 


4.

शाह से मिले जनसांख्यिकी परिवर्तन पर गठित उच्च स्तरीय समिति के सदस्य

जनसांख्यिकी परिवर्तन पर गठित उच्च स्तरीय समिति के सदस्यों ने बुधवार को केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने शाह को बताया कि वे जमीनी स्तर पर सीधी जानकारी हासिल करने के लिए अलग-अलग राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा करेंगे। साथ ही, यह भी बताया कि राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के दौरों को अधिक सार्थक और इंटरैक्टिव बनाने के लिए, उनसे जरूरी जानकारी पहले से प्राप्त करने के लिए एक विस्तृत प्रश्नावली भी तैयार कर ली गई है। सरकार ने 26 मई को सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था। 


5.

मुआवजे के लिए आय की गणना नए नियमों से

मोटर दुर्घटना के मुआवजे में समानता लाने के मकसद से सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में बुधवार को आयकर रिटर्न के आधार पर मृतक पीड़ितों या घायल दावेदारों की वार्षिक आय की गणना करने के लिए अदालतों के वास्ते गाइडलाइंस तय कर दी। शीर्ष अदालत ने कहा कि नौकरीपेशा लोगों के लिए वार्षिक आय दिखाने के लिए सिर्फ पिछले वर्ष का आयकर रिटर्न पर्याप्त होगा और खुद का काम करने वाले लोगों के लिए पिछले तीन वर्षों के आयकर रिटर्न में प्रदर्शित औसत आय को संदर्भ माना जाए। 


6.

मदरसा बोर्ड समाप्त कर उत्तराखंड ने बनाया नया शिक्षा माडल : धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के सभी वर्गों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसी कड़ी में सरकार ने मदरसा बोर्ड को खत्म कर उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनाया है। उत्तराखंड से वन नेशन वन एजुकेशन की दिशा में पहल हो रही है। समान नागरिक संहिता के बाद देश में समान शिक्षा व्यवस्था के लिए यह पहल महत्वपूर्ण साबित होगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य बच्चों के भविष्य को संवारना और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना है। 


7.

सुधारों की दिशा में सार्थक पहल

एक आम नागरिक के लिए आपराधिक न्याय प्रणाली केवल कानूनों, नियमों या संस्थाओं का कोई संग्रह नहीं है। वह इसका अनुभव कुछ सीधे और सरल सवालों के माध्यम से करता है। जैसे क्या शिकायत तुरंत दर्ज की गई? क्या जांच के दौरान पीड़ित को हर बात की जानकारी दी गई? क्या साक्ष्यों को सावधानीपूर्वक इकट्ठा किया गया? क्या गवाह को समय पर समन मिला? और क्या मामला बेवजह की देरी के बिना समाप्त हुआ? इन सवालों के जवाब तलाशें तो पाएंगे कि भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली लंबे समय से दोहरे बोझ से जूझ रही है। एक तो पूरी प्रक्रिया देरी की शिकार होती है और दूसरे उसमें इतना बिखराव है कि बात बनते बनते रह जाती है। एक बड़ी संख्या में मामले आपस में कटी हुई संस्थाओं, कागजी कामकाज के भारी बोझ और अलग-अलग अधिकार-क्षेत्रों के असमान तौर-तरीकों से होकर गुजरते हैं। यही वजह है कि पूरी व्यवस्था पीड़ित केंद्रित होने के बजाय प्रक्रिया-केंद्रित बनकर रह जाती है। इस क्रम में भारतीय न्याय संहिता, 2023 (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 (बीएसए) बड़ी क्रांतिकारी पहल हैं। 


8.

किसानों की आय

मानसून की प्रकृति में बदलाव और जलवायु परिवर्तन के सापेक्ष खेती-किसानी में बदलाव आवश्यक है। जलवायु परिवर्तन के दौर में कृषि को केवल मौसम की अनिश्चितताओं के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। खरीफ सीजन में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत संचालित जलवायु अनुकूल एकीकृत कृषि प्रणाली को उत्तर प्रदेश के 65 जिलों में लागू किया जा रहा है, जिससे कम वर्षा होने पर भी किसानों का उत्पादन और आय प्रभावित न हो। किसानों को आधुनिक और जलवायु-अनुकूल खेती का प्रशिक्षण देने तथा आय के विविध स्रोत विकसित करने की यह पहल स्वागतयोग्य है। दरअसल जलवायु परिवर्तन का किसानी पर बहुआयामी प्रभाव पड़ रहा है। वर्षा का समय और मात्रा में परिवर्तन से किसानों की आय और खाद्य सुरक्षा पर प्रभाव पड़ता है। 


9.

तीव्र प्रगति की राह में बाधाओं की पहचान

भारत में चीन के स्तर की औद्योगिक प्रगति की आकांक्षा की जाती है। लेकिन भारत की संस्थाएं और व्यवस्थाएं परियोजनाओं को तेजी से लागू करने के बजाय, अलग-अलग पक्षों के हितों और आपसी मतभेदों को सुलझाने के लिए बनाई गई हैं। जैसे-जैसे कारखानों, बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) और स्मार्ट सिटी के निर्माण में देरी बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे हमारी शासन-व्यवस्था ही विकास की राह में सबसे बड़ी रुकावट बनती जा रही है। प्रशासनिक क्षमता में व्याप्त कमियों को दूर करते हुए देश की प्रगति की गति को बढ़ाया जा सकता है


10.

जून में 1.95 लाख करोड़ जीएसटी संग्रह

जीएसटी संग्रह में तेजी का सिलसिला जारी है। आटोमोबाइल और उपभोक्ता वस्तुओं की बिक्री में तेजी से जून का जीएसटी संग्रह 1,94,800 करोड़ रहा जो पिछले साल जून के मुकाबले 14 प्रतिशत अधिक है। जून के जीएसटी संग्रह में सीजीएसटी की हिस्सेदारी 37,376 करोड़, एसजीएसटी की 45,116 करोड़ तो आईजीएसटी की 1,12,320 करोड़ की रही। 


11.

चार साल बाद जून में मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों की बढ़ोतरी धीमी रही

देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की गतिविधियों की वृद्धि जून में धीमी पड़ गई। नए कारोबारी आर्डर और अंतरराष्ट्रीय बिक्री की वृद्धि दर नरम रहने से खरीद, रोजगार और उत्पादन की रफ्तार भी कम रही। मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण क्रय प्रबंधक सूचकांक (पीएमआइ) मई के 55.0 से घटकर जून में 54.2 पर आ गया। यह 2022 के मध्य के बाद से क्षेत्र की स्थिति में दूसरा सबसे कमजोर सुधार दर्शाता है। 


12.

अमेरिका ने रूस संबंधी प्रतिबंध सूची से चार भारतीय कंपनियों को हटाया

अमेरिका ने रूस से संबंधित अपने प्रतिबंधों की सूची से चार भारतीय कंपनियों के नाम हटा दिए हैं। इन कंपनियों पर रूस के सैन्य-औद्योगिक अड्डे को उन्नत तकनीक और उपकरणों की आपूर्ति करने के आरोप लगाए गए थे।

अमेरिकी वित्त विभाग की विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय की विशेष रूप से नामित नागरिक और प्रतिबंधित व्यक्तियों की सूची से इन कंपनियों के नाम हटाए गए हैं। 


13.

बातचीत से सुलझेंगे भारत और नेपाल सीमा के मसले

भारत से लगने वाली सीमा पर विवाद के जो मसले हैं नेपाल उन्हें बातचीत, ऐतिहासिक समझौतों और मानचित्रों के आधार पर सुलझाने को तैयार है। यह बात नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बुधवार को देश की संसद में कही। नेशनल असेंबली में सांसदों के प्रश्नों के उत्तर में खनाल ने कहा, मई में संसद में दिए पीएम बालेंद्र शाह के भाषण में सीमा मसले पर कही गई बातों की विदेश मंत्रालय ने देश को जानकारी दी है। 


14.

संक्रामक बीमारियों के खिलाफ ढाल साबित हुईं मैसेंजर आरएनए वैक्सीनें

दुनिया भर में अरबों खुराकों के विश्लेषण के बाद एक नए वैश्विक अध्ययन ने यह साफ कर दिया है कि मैसेंजर आरएनए या एमआरएनए वैक्सीनें कोरोना सहित कई गंभीर संक्रामक बीमारियों से बचाने में पूरी तरह सक्षम हैं। 'द लैंसेट' पत्रिका में प्रकाशित यह समीक्षा बच्चों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों सहित अलग-अलग तरह के लोगों पर की गई, जिसमें इस तकनीक को सुरक्षित और असरदार पाया गया। यह तकनीक इंसानी कोशिकाओं को हानिरहित वायरल प्रोटीन बनाने के निर्देश देती है, जिससे इम्यून सिस्टम असली वायरस से लड़ना सीख जाता है। 


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